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नाबालिग मूक बधिर से दुष्कर्म करने व धमकी देने वाले आरोपी को माननीय न्यायालय ने उम्र कैद की सजा व 55,000 का जुर्माना लगाया

  bhiwani           2022-08-08 21:57:28          26


भिवानी। नाबालिग मूक बधिर से दुष्कर्म करने व जान से मारने की धमकी देने के मामले में आरोपी  को दिनांक 04.08.2022 को माननीय सोनीका अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट पोस्को  भिवानी की कोर्ट ने दोषी करार देते हुए उम्र कैद ( 06 पोस्को एक्ट के तहत उम्र कैद की सजा  50,000 जुर्माना, धारा 506 भारतीय दंड संहिता में 03 साल व  5,000

जुर्माना ) कैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपी पर कुल  55,000/- का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना राशि नहीं भरने पर आरोपी को अतिरिक्त कारावास की सजा काटनी पड़ेगी। इस मामले में  महिला थाना भिवानी ने वर्ष 2019 में अभियोग पंजीबद्ध किया था। मामले की सुनवाई माननीय न्यायालय में हुई सुनवाई के दौरान माननीय न्यायालय ने मामले को बहुत ही संगीन माना और दोषी की सजा में कोई नरमी नहीं बरती। मामले के अनुसार वर्ष 2019 में नाबालिक लड़की की मां ने थाना महिला पुलिस भिवानी को एक शिकायत दर्ज करवाई थी। जिसमें आरोपी के द्वारा नाबालिग मूक-बधिर लड़की से दुष्कर्म करने व जान से मारने की धमकी दी थी। थाना महिला पुलिस के द्वारा बिना किसी विलंब के अभियोग अंकित किया गया। इसके बाद नाबालिग के माननीय मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान करवाए गए तथा जांच इकाई के द्वारा महत्वपूर्ण साक्ष्यों का आकलन कर अभियोग में प्रभावी कार्यवाही करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के सम्मुख पेश किया गया था। जो माननीय न्यायालय ने अभियोग में सुनवाई करते हुए आरोपी आनंद पुत्र सतबीर निवासी कटेसरा, कलानौर, जिला रोहतक को उम्र  कैद की सजा सुनाई  व कुल  55,000/- का जुर्माना लगाया गया। जुर्माना न भरने पर आरोपी को अतिरिक्त कारावास की सजा काटनी पड़ेगी। पुलिस अधीक्षक महोदय अजीत सिंह भा0पु0से0 ने जिला भिवानी के सभी प्रबंधक थाना, चौकी इंचार्ज व अनुसंधानकर्ताओं को विशेष निर्देश दिए हैं कि महिला विरुद्ध अपराध व  पोस्को एक्ट के तहत शिकायत का बिना किसी विलंब के शिकायत के आधार पर अभियोग अंकित करें। पुलिस के द्वारा महत्वपूर्ण साक्ष्य व तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर प्रभावी पुलिस कार्यवाही करते हुए माननीय न्यायालय में आरोपियों को दंड व पीडि़त को न्याय दिलाने का कार्य करें।


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